अवतार की तलाश में….

संत राम बजाज

स्थान :  बैकुंठ लोक

उपस्थित : विष्णु भगवान,देवी लक्ष्मी, ब्रह्मा जी और महाऋषि नारद

समस्या : गम्भीर …

विष्णु भगवान परेशान हैं। महाऋषि नारद पृथ्वी लोक से अभी अभी आये हैं और समाचार अच्छे नहीं हैं। पृथ्वी के लोगों ने नारद जी को

अपना  प्रतिनिधि बना कर भेजा है ताकि वे भगवान विष्णु को उन का वादा याद करायें जिस में उन्होंने अवतार लेने की बात कही थी। अब वह समय आ गया है।

चारों ओर हाहाकार मची हुई है। आम लोगों की हालत बड़ी खराब है। महंगाई ने कमर तोड़ रखी है , यहां तक कि प्याज़ ७०/८० रुपये किलो तक बिक रहा है।

चोरियों और डकैतियों से बड़ी भयभीत हैं  जंता । अपहरण, बलात्कार और हत्यायें दिन दिहाड़े हो रही हैं, कोई इंसाफ नहीं है। पैसे वालों की ही बात मानी जाती है।

सांसद के बच्चे सांसद, मंत्री के बच्चे मंत्री,फिल्मी स्टारों के बच्चे ही फिल्मों में आ सकते हैं, दूसरों को कोई चांस ही मिलता। गुंडा राज है हर प्रदेश में- लगभग आधे नेता दागी हैं, उन पर कोई न कोई मुक़द्दमा है।

और भारत आजकल घोटालों का देश बना हुआ है। चारा घोटाला, कॉमंवैल्थ गेम्ज़ घोटाला,आदर्श घोटाला और सब से बड़ा २G घोटाला, जिस में क़रीब २ लाख करोड़ रुपयों की देश को हानि हुई है। नेता और अधिकारी बड़े धड़ल्ले से पैसा लूट रहे हैं और उस पर उन की हिम्मत तो देखिये, सारा धन Switzerland के बैंकों में जमा कर रहे हैं। देश के शासिकों के पापों का घड़ा भर गया है।धर्म की गलानि हो रही है। साधुओं के रूप में चोर उचक्के कुकर्म कर रहे हैं।

अवतार लीजिये, उद्घार कीजिये”,  यही पृथ्वी निवासियों की प्रार्थना है नारायण भगवन!

विष्णु भगवान इतना कुछ सुनने के बाद बोले, ” नारद जी, आप कुछ ज़्यादा ही भावुक हो रहे हैं, हमारे सूत्रों के अनुसार, समस्या इतनी बड़ी नहीं है।

लोग बहुत खुश नज़र आते हैं McDonald, KFC, Pizza Hut ytih Subway आदि फॉस्ट फूड की दुकानों पर लाईनें लगी रहती हैं,सिनेमा घरों के बाहिर भीड़ लगी रहती है। हर घर के बाहिर कई कई कारें खड़ीं हैं, घरों के अन्दर इम्पोर्टिड फर्नीचर है। फार्म हाऊस में होती शादियों के जल्वे देख कर तो हमारा भी मन करता है कि हज़ार रुपये प्रति प्लेट वाला भोजन जा कर चखें ।

हमें तो यहाँ तक पता चला है कि झौंपड़-पट्टी वालों के घरों में  क्लर टीवी हैं और वे सास-बहु के सीरयल देख देख कर खुश रहते हैं।”

” नारायण,नारायण- यह आप क्या कह रहे है भगवन? ये जल्वे भी पैसे के ही हैं ।”

” तो आप मान गये कि घड़ा पापों से नहीं अपितु धन से भरा है और धन का डिपार्टमैंट हमारा नहीं देवी लक्ष्मी का है, और हम उस में ह्स्ताक्षेप नहीं करते।वे चाहे जिसे दे दें ।”

” परंतु मुझे विश्वास है कि ये धन देवी लक्ष्मी दुवारा नहीं दिया गया, बल्कि ‘दो नम्बर’ का काला धन है।

लक्ष्मी जी यह सब सुन कर बहुत व्याकुल हो उठीं और बोलीं ,” हमें आशा नहीं थी कि हमारे गुप्तचर इतने निक्क्मे हो जायेंगे। वास्तव में उन्हों ने भार्तीय CBI को ‘आउट सोरस’कर रखा था यह काम और हमें इस के बारे में सूचित नहीं किया कि हालात इतने बिगड़ चुके हैं। हमें पृथ्वी लोक के   लोगों से बहुत सहानुभूति है  परंतु अभी अवतार लेने का समय नहीं आया है।”

” किंतु माते!..’,नारद जी कुछ कह्ने लगे

” अवतार लेने के लिये कई तैयारियाँ करनी पड़ती हैं, बहुत कुछ सोचना पड़ता है।किस के घर जन्म लिया जाये।”

” ये गान्धी परिवार में जन्म ले सकते है,भारत के आजकल वही राजा हैं ,बहुत आराम रहेगा।”

” राजा तो दशरथ भी थे, उस से क्या होता है?याद है, इन के राम अवतार के समय हम जब सीता के रूप में साथ गये थे, क्या क्या मुसीबतें झेलनी पड़ी थीं । १२ वर्ष का बंबास,रावण के हाथों अपहरण और उस की जेल और फिर अग्नि परीक्षा; ना बाबा ना, यह सब सहन नहीं हो पायेगा  अब ।”

” परंतु, राहुल की तो अभी शादी भी नहीं हुई ।” ब्रह्मा जी ने आपत्ति जताई।

” तो बच्चन फैमली या अम्बानी ब्रदर्ज़- बहुत ‘ चुआईस’ हैं।

पर नारद खुद ही प्रेशान हो उठे कि यह सब वाद-विवाद बेमत्लब का है क्योंकि  जन्म लेने और फिर जवान होने का सिलसिला बहुत समय लेता है ।

” नहीं प्रभु! आप को तत्काल और पूर्ण रूप में (instant,full fledged) धरती पर जाना होगा”।

ब्रह्मा जी ने एक बीच का रास्ता बतलाया।” क्यों नहीं आप पहले गुप्त रूप से  एक  आम आदमी की तरह जा कर हालात को देखें और फिर कोई फैसला करें”

सब को यह सुझाव पसन्द आया और विष्णु भगवान धरती पर एक आश्रम में साधु के भेस में जा पहुंचे।

वहाँ की स्थिति, जो नारद जी ने बताई थी, उस से भी अधिक बुरी मिली। कुछ बहुत जल्द करना होगा,ऐसा सोच उन्होंने आजकल के सम्पर्क के नये साधन, SMS, E-mail,twitter, facebook आदि के दुवारा ब्रह्मा जी के साथ पत्र-व्यवहार शुरु कर दिया। किस किस ने क्या क्या किया और उसे किस प्रकार का दंड देना चाहिये,सूचियाँ बनाने लगे।

धर धरती वालों के कानों भिनक पड़ गई,उन्होंने विष्णु जी के कॉम्पयूटर और फोन को हैक कर सब मालूमात हासिल कर लीं और इस का तोड़ सोच लिय।

एक षड्‌यंत्र रचा, उन्हें विदेशी ताकतों का एजेंट कह उन के विरुद्घ एक ‘मन्दिर घोटाला’में कई एकड़ ज़मीन पर अवैध क़ब्ज़ा करने का आरोप लगा उन के खिलाफ गिरफतारी के वारँट निकलवा दिये।

इस अचानक परिस्थति ने भगवान जी को एकदम चौंका दिया। अब वे क्योंकि एक आम आदमी के रूप में थे, इस लिये अपनी दैवी शक्तियों का प्रयोग नहीं करना चाहते थे।

अब एक ही रास्ता था कि धरती को तुरंत छोड़ वैकुँठ जाया जाये और फिर आगे की योजनायें वहां बनाई जायें । इस लिये रातों रात अंतर्धान हो गये।

दूसरे दिन की ‘ब्रेकिंग न्यूज़’ थी – ” मन्दिर घोटाले का चमतकारी बाबा फरार- आश्रम पर पुलिस का छापा”

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Posted by on Mar 2 2011. Filed under Hindi, Humour. You can follow any responses to this entry through the RSS 2.0. Both comments and pings are currently closed.

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