क्रिकेट का महाभारत

संत राम बजाज


लोगों में आजकल क्रिकेट का शौक़ जनून की हद तक पहुंच चुका है।

एक समय था जब भारत में हॉकी नम्बर वन पर थी प्रंतु अब यह एक ‘निर्धन रिश्तेदार’ के स्थान पर पहुंच गई है।

पहले तो केवल ५ दिन वाले  ‘टैस्ट मैच’ ही होते थे, फिर ५०-५० ओवर वाले ‘वन डे’ मैच शुरु हुए । और अब २०-२०,सब से धमाके दार मैच माने जाते हैं।

लेकिन अभी भी ‘वन डे’ के World Cup  की जो धाक है वह शायद किसी और में नहीं है।

आप इसे क्रिकेट का महाभारत कह सकते हैं।

..यदि यह मैच भारत और पाकिस्तान के बीच हो तो इसे एक युद्घ या जिहाद समझा जाता है।

इस वर्ष संयोगवश,भारत का मुक़ाबला पाकिस्तान के साथ semi-final में तै हुआ।

पकिस्तान के प्रधान मंत्री मैच देखने आये,भारत के प्रधान मंत्री,राष्ट्रपति, सोनिया गांधी,राहुल गांधी… किस किस का नाम लें ,बस यूँ कहिये कि भारत का हर बड़े से बड़ा पॉलीटीशयन वहां था। मैच आप देख ही चुके हैं,क्या ज़बरदस्त था।

भारतीय बल्लेबज़ों ने  बाज़ी मारी और मोहाली से मुम्बई जाने की सीटों पर क़ब्ज़ा जमा लिया।

और अब था सब से बड़ा मुक़ाबला और वह भी दूसरे पड़ोसी श्री लंका से , जिस में मुरलीथरर्ंन जैसे महान गेंद्‌बाज़ थे।

हम ने मैच देखने की पूरी तैयारी की और टीवी के सामने आसन लगा कर डट्‌  गये। मैच बड़े पुरज़ोर तरीके से शुरु हुआ। श्रीलंका ने  बड़ी हिम्म्त दिखा कर २७४ का काफी बड़ा स्कोर खड़ा कर लिया।

भारत की पारी शुरु करने आये  घुरन्दर बल्लेबाज़ सेह्वाग और सचिन तेंदुलकर, जिन पर भारत की जीत की उम्मीदें टिकी होती हैं।

पर यह क्या ? सहवाग दूसरे ही बॉल पर मालिंगा के शिकार हो गये।  स्टेडियम में खामोशी छा गई। हम भी घबरा से गये। अभी हम संभल भी नहीं पाये थे कि मलिंगा ने दूसरा शिकार मार लिया और वह भी सचिन तेंदुलकर! मैदान में  मातम छा गया जैसे किसी की मौत हो गई हो। लोगों को मालिंगा में रावण नज़र आने लगा, रामायण उल्टी होती दिखाई देने लगी।

मेरा भी मन कुछ विचिलत हो उठा और आँखें बोझल सी होने लगीं ।

फिर न जाने क्या हुआ मैच का रुख ही बदला हुआ पाया । मैदान में टीमें ही बदली पाईं। सब मिक्स टाईप की अर्थात कई देशों के खिलाड़ी दो टीमों में बटे हुए थे।

और फिर बहुत ही रोचक और अनोखा मैच देखने को मिला। आईये आप भी देखें ……

देखा तो बैटिंग कर रहे थे भारत के प्रधान मंत्री श्री मनमोहन सिहं और बाऊलर थे पाकिस्तान के राष्ट्रपति  ज़रदारी। मनमोहन सिहं जी ने पहली ही बॉल पर छ्‌क्का दे मारा और चारों ओर से तालियों और सीटियों की आवज़ों से मुम्बई का मैदान गूंज उठा। दूसरी गेंद ‘बाऊंसर’ के रूप में आई । मनमोहन जी ज़रा लड़खड़ाये और ज़रदारी साहिब मुस्कराये । तीसरी बॉल ज़रा धीमी थी और मनमोहन सिहं थोड़ा ‘कंफ्यूज़’ हो गये और ज़रदारी साहिब ने LBW की अपील कर दी जो Umpire  ने नहीं मानी। चौथी बॉल पर मनमोहन जी ने रन लेनी चाही और भागे  परंतु दूसरी ओर के बल्लेबाज़ अडवानी जी ने उन्हें वापिस भेज दिया लेकिन घुटनों ने साथ नहीं दिया और वे ‘रन आऊट’ हो गये। सारे फीलर्ड्‌ज़ खुशी से एक दूसरे के गले मिल रहे थे।

अडवानी जी का साथ देने आये भारत के योगा गुरु स्वामी राम देव, अपने लहराते हुए बलों और चमकती हुई दाढ़ी के साथ।

ज़रदारी ने उन्हें बड़ी  घृणा से देखा और खूब तेज़ गेंद फैंकी जो उन की दाढ़ी को छूती हुई निकल गई। बाबा राम देव ने कपाल भाति की, दो एक लम्बे सांस लिये और अगली गेंद को फेस करने के लिये तैयार हो गये।

ओवर की आखिरी गेंद पर राम देवजी ने चौका लगाने की कोशिश की प्रंतु चूक गये और बॉल उछल कर उन के बलों में जा अटकी, जो Umpire ने आकर निकाली। इस बीच ज़रदारी साहिब ने ‘Head Before Wicket’ की अपील कर दी, जो third umpire के पास पहुंची। क्योंकि क्रिकेट में ऐसा कोई रूल नहीं  था, इस लिये ‘नॉट आऊट’ दिये गये स्वामी जी।

लेकिन  ज़रदारी साहिब को यह सब अच्छा नहीं लगा और वे गालियों पे उतर आये ।

उधर हरभजन सिहं को गुस्सा आ गया और मैदान मे आ घुसे और काफी गर्मागर्मी हो गई । कप्तान धोनी को भाग कर आना पड़ा बीच बचाव के लिये।

”भज्जी, क्या तुम ने फिर से तो किसी को ‘मंकी’ नहीं कह दिया?”

” नहीं, यार माही, मैं ने तो वुही ‘माँ की’  कहा था।

” अरे! क्या गज़ब कर दिया, जानते नहीं वह इस का असली मतलब समझते है”

”पर मैं किसी से डरता नहीं हूँ ”

इस चक्कर में काफी उथल पुथल मच गई और कुछ समझ में नहीं आया कि कौन किस की ओर है।

देखा तो क्रीज़ पर अमिताभ बच्चन अपना बल्ला घुमा रहे  हैं और साथ में गा भी रहे हैं, ” दे घुमा के”, और बाऊलर है  सोनिया गांधी।

सोनिया जी ने अपनी साड़ी का पल्लू ठीक किया और अमित जी ने अपनी स्फेद दाढ़ी पर हाथ फेरा। सोनिया जी ने पहला गेंद कुछ इस तरह से spin किया कि बच्चन जी क्लीन बाऊल्ड हो गये।… प्रंतु ‘नो बॉल’, Umpire चिल्लाया और इस तरह से अमिताभ को life line मिल गई।

”हा हा! कौन बनेगा करोड़पाति?”, अमिताभ ज़ोर ज़ोर से हंसने लगा, ” अभी दो लाईफ लाइन और बची हैं”

अमिताभ की हंसी उस शोर में दब कर रह गई जो Pavilion की ओर से उठा था ।

”मैं भी खेलूंगा, अब मेरी बारी है ”, जबरदस्ती मैदान में अपना बल्ला उठाये घुसे आ रहे थे लालू प्रशाद यादव और उन के पीछे उन की बीवी राबड़ी देवी उन्हें रोकती हुई कह रही थीं

”ना जाओ सय्याँ छुड़ा के बय्याँ,

क़स्म तुम्हारी मैं रो पड़ूंगी ”

प्रंतु वे नहीं रुके और सोनिया जी के आगे गिड़गिड़ाने लगे कि ”प्लीज, हमें भी मौक़ा दीजिये न मैडम!”

प्रंतु सोनिया जी ने उन्हें कोई घास नहीं डाली और बेचारे अपना सा मुँह ले कर रह गये।

मैदान के दूसरे किनारे से सुरेश कालमाडी(कॉमवैल्थ गेम्ज़ विख्यात) और उन के साथ राजा (2G) घोटाले के मुखिया दौड़े चले आ रहे हैं और उन के पीछे गांधी टोपी पहने एक एक छोटे से क़द का आदमी उन को पक्ड़ने की कोशिश में बड़ी तेज़ी से आ रहा है। ” हम तुम्हारे साथ हैं अन्ना ”, स्टेडियम मे बैठे लोग ज़ोर ज़ोर से बोल रहे हैं,” पकड़ो, मारो- भ्रष्टाचार नहीं चलेगा। लोक्पाल कमेटी चाहिये।”

यह अन्ना हज़ारे थे, जो गांधी जी के स्त्याग्रह के द्वारा भारत में भ्रष्टाचार के विरुद्घ लोकपाल(Ombudsman) की न्युक्ति चाहते हैं और सरकार  इस बात को अनसुना  कर रही है।

”हम भूख हड़ताल करेंगे , छोड़ेगें नहीं”।

शर्द पवार उन्हें धमका रहे थे,” जाओ जो करना है कर लो। यह क्रिकेट का मैदान है,यहाँ तुम्हारी दाल नहीं गलेगी, भागो यहाँ से, बिना टिक्ट हो, पुलिस के हवाले कर देंगे”।

”बदमीज़ी करने की ज़रूरत नहीं है। क्रिकेट की धौंस मत दो, हम भी जानते हैं । क्रिकेट के महारथी विजय हज़ारे का नाम याद है ना!  और तुम हमारी लिस्ट पर हो,ध्यान रहे! ”।

इस से पहले कि बात आगे बढ़ती अनुपम खेर और शबाना आज़मी  मैदान से अन्ना हज़ारे को ले कर चले गये।

अमेरिकन राष्ट्रपति ओबामा , हिल्लरी क्लिनटन के साथ , एक टैंक पर सवार गद्दाफी का पीछा कर रहे हैं । ”छोड़ेंगे नहीं, ‘अमेरिका इज़ ग्रेट’- हम ने सद्दाम हुस्सेन और मुबारक जैसे ठीक कर दिये, तम  किस खेत की मूली हो”

अम्पायर और सैक्योरिटी उन्हें रोकने में बेबस हैं । वे थोड़ी देर बाद खुद ही मैदान से बाहर चले जाते हैं।

खेल फिर शुरु हो चुका था और गुजरात के मुख्य मंत्री नरेंद्र मोदी बल्लेबाज़ी कर रहे थे । श्रीलंका के मुरली ने गेंद फैंकी और मोदी जी  ने ‘सिक्सर’ ठोक दिया।

”मुरली, दूसरा फैंको”, धोनी ने सलाह दी ।

” अरे वही तो करने जा रहा हूँ , अभी तो एक ही हुआ है ”मुरली बोला।

” अरे, मेरा मतलब दूसरे  ‘दूसरा’ से है , जो तुमहारा खास सटाईल है, जिस में बैट्‌स्मैन को पता नहीं चलता कि बॉल किधर टरन लेगी।”

मोदी मुरली के दूसरे बॉल पर जो उस का ‘दूसरा’ था,पर आउट हो गये।

फिल्म अभिनेत्री माधुरी दीक्षत-‘धक धक गर्ल’ मैदान मे उतरी बाऊलिंग करने और एक दम कई लोग ‘आऊट’ हो गये। और वह’कजरा रे ,कजरा रे, मेरे कारे कारे नैना’ गाने लगी, जिस पर  शीघ्र ही ऐशर्वया राए बच्चन ने आकर उसे धुतकारा कि ” यह तो मेरे कारे कारे नैनों की बात हो रही है ,भाग यहँ से!”

आस्ट्रेलिया के  Ponting  उतरे मैदान में और उन्हें भी ‘गोलडन ड्‌क्क’ ही नसीब हुआ,जिस पर उसे इतना गुस्सा आया कि Umpire को गालियाँ निकालते हुए वापिस पैविलियन लौट गये और जाते ही ड्रेसिंग रूम में लगी टीवी को तोड़  दिया, जिस की आवाज़ सब को सुनाई दी।

फिर  भगदड़ सी मच जाती है क्योंकि अचानक ज़ोरों की बारिश शुरु हो जाती है और ग्राऊंड थोड़ी सी देर में एक नदि में बदल जाता है जिस में किश्तयाँ तैरती नज़र आती हैं ।

और तो और पत्थर तक तैरते नज़र आते हैं। नदि समुन्दर का आकार ले लेती है जिस पर एक बहुत बड़ा पुल दिखाई देने लगता है।

”सागर पर सेतु बन गया है, अब लंका पर विजय पताका लहराने का समय आ गया है”। लक्षमण को अंगद कह रहे हैं।

उधर हनुमान भगवान राम के पास आ हाथ जोड़ प्रार्थना कर रहे हैं,”चलिये प्रभु, चलिये पहला तीर चलाईये, जो सेतु के उस पार पहुंच कर रावण को चेतावनी दे सके”

और भगवान राम अपना धनुष उठा , तरकश में से बाण निकाल शिवजी को प्रणाम कर उसे ऊपर की ओर छोड़ देते हैं और सारी बानर सेना पूरे ज़ोर से चिल्लाती है,”जय हो, जय हो,क्या सिकसर मारा है!”

……और मेरी नींद टूट जाती है । धोनी के छक्के के साथ ही  श्री लंका को हरा कर भारतीय खिलाड़ी मैच जीतने की खुशियाँ मना रहे होते हैं। सचिन तेंदुलकर को दूसरे खिलाड़ियों ने कंधों पर उठाया हुआ है और भारतीय तरंगा लहराते हुए मैदान के चक्कर लगा रहे हैं।  आतिश्बाज़ी से आसमान चमक रहा है और लोगों के शोर में कुछ भी सुनाई नहीं दे रहा।

मैदान में चारों ओर खुशी का महौल है.. २८ वर्ष के बाद भारत एक बार फिर World Cup जीत पाया है, जिस की ट्रॉफी को सब प्लेयर चूम रहे हैं।

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Posted by on May 10 2011. Filed under Hindi, Humour. You can follow any responses to this entry through the RSS 2.0. Both comments and pings are currently closed.

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