लौट के सिद्धू घर को आये

संत राम बजाज

“कौन ?”, पटियाला के राजा अमरिंदर  सिंह ने दरवाज़े पर खट खट सुन , अंदर बैठे बैठे आवाज़ दी |

“जी, मैं नवजोत सिंह सिद्धू |”

“अच्छा, वह जोकर सिद्धू | क्या कपिल शर्मा ने निकाल दिया शो से ?”

“जी नहीं, मैं आप से मिलने आया हूँ|”

“तो भई, यह ‘आप’ वालों का दफ़्तर नहीं है,  वह सड़क के दूसरी ओर है| बाहर लगी झाड़ू की फ़ोटो से पता चल जाएगा|

“नहीं राजा साहिब, आप समझे नहीं| अच्छा ‘ऐ दिल है मुश्किल’ फिल्म का तर्ज पर गा कर बताता हूँ”

“मेरी मैय्या जी से आज मैं ने ‘ब्रेक अप’ कर लिया|”

“अच्छा, हम को बिन बतलाये तू ने यह कब कर लिया ?”, केप्टन जी भी मूड में आ गये

“सुबह सवेरे उठ के मैं ने यह सब कर लिया|”

“राहुल बाबा को पता है, तू ने यह सब कर लिया|”

“सोनिया जी ने तो मुझे, ‘वटस अप भी कर दिया|”

बोली,जो तू ने किया है, वैरी वैरी राईट है,

भूत कॉल को भूल जा अब तू,

आने वाला फ्यूचर वैरी वैरी ब्राईट है|” सिद्धू कुछ ज्यादा ही जोश में आ रहा था|

अच्छा, अब यह फालतू का गाना बन्द करो और ठीक से बताओ, माजरा क्या है?” केप्टन साहिब तंग आ कर बोले|

“मुझे राहुल बाबा ने भेजा है | मैं घर वापसी कर रहा हूँ| ”

“तो तुम्हारा घर पटियाले में है ?|”

“जी नहीं, अमृतसर में है|  घर वापसी से मेरा मतलब है कि मैं कांग्रेस में आ गया हूँ|”

“वह कैसे?”

“मेरे बाप दादा कांग्रेस में थे, उन्होंने ने कुर्बानियां दीं देश के लिये | मैं जन्म से कांग्रेसी हूँ| मैं भटक गया था, लोगों की बातों में आ गया था, मेरी मत्त मारी गयी थी इसलिए भाजपा में शामिल हो गया था|”

“मैंने तो  सुना था कि तुम केजरीवाल से हाथ मिलाने जा रहे थे|और केजरीवाल ने तुम्हें  deputy CM की ऑफर दी थी |”

“वह सब अफवाहें थीं| मेरी उस बड़बोले के साथ भला कैसे पट सकती थी?”

“अच्छा, तो छोड़ छाड़ के मोदी  का मुह्ल्ला, सिद्धू अब राहुल के घर चला |”, केप्टन अमरिंदर सिंह ने चुटकी ली| “यानी ‘भौं, झौं के खोती (गधी) बोहड़ थल्ले’ , पंजाबी की यह  मशहूर कहावत तो तुम ने सुनी होगी या हिन्दी में ‘लौट के बुद्धू  घर को आये’ अर्थात इधर उधर धक्के खाने के बाद, तुम आखिर बोहड़ ( बरगद), यानी कांग्रेस  की  शरण (छाया)  में आ ही गये|”

“ओ, कैप्टन इतना ना इतरा, मैं बुद्धू नहीं, सिद्धू हूँ| और याद रहे, मुझे राहुल बाबा ने भेजा है|”, सिद्धू गर्मी से बोले|

“तो क्या हुआ, राहुल को भी पता है कि तुम दल-बदलू हो और सौदेबाज़ी करने आये हो ,और तम्हें भी  याद रहे ‘जो बिक गया वह खरीदार नहीं हो सकता’!”

“देखते हैं| कौन कितने पानी में है” सिद्धू अभी भी गुस्से में था|

केप्टन भी जोश में आ गये,“ पर, तुम तो कहते थे कि कांग्रेस ‘चोरों की बारात’ है, ‘मुन्नी बदनाम हुई ‘ वाली मुन्नी से भी ज़्यादा बदनाम है और मनमोहन सिंह भारत देश को ‘सोनिया की चिड़िया’ बनाना चाहता है जबकि मोदी जी ‘सोने की चिड़िया’ बनाएंगे |”

सिद्धू इस हमले से कुछ नरम पड़ा, ”ही,ही,ही, सब चलता है, गुरु ! मैं डायेलॉग अच्छे बोल लेता हूँ| अब राहुल बाबा के लिये भी लिखा करूँगा| आप तो जानते हैं कि उन का दिमाग इस मामले में खाली है| इसी लिये तो मैं उसे स्कूल जाकर कुछ सीखने को कहा करता था | ही,ही,ही .. तभी तो राहुल बाबा ने मुझे अमृतसर की सीट ऑफर की है|”

“क्या?  निकलो यहाँ से, वह सीट तो मेरी है| मैं ने लोकसभा के चुनाव में भी जीती थी|”

“लोक सभा का जब चुनाव होगा, तब तक आप उस पर टिके रहिये, बाद में मैं ले लूंगा|”

“ ले लूंगा, क्या खूब? तुम्हारे बाप की जायदाद है? तुम डायेलॉग के साथ साथ सपने भी अच्छे देखते हो|

केप्टन को गुस्सा आ रहा था और उन का हाथ अपनी पिस्तौल पर आ गया|

“ केप्टन साहिब, आप को रामायण की कहानी याद है ना? कैकई ने अपने बेटे भरत के लिये राम जी को बनबास भिजवाया था| यह बात अलग है कि भरत ने वह राज स्वीकार नहीं किया था | लेकिन भाजपा के  कलयुगी भरत(जेतली) ने तो कैकई का साथ दिया, पर अमृतसर की रियाया (जनता) ने भरत को नकार दिया और गुस्से में आप को राजगद्दी पर बिठा दिया|  अब मैं माता कौशल्या (सोनिया जी ) के पास लौट आया हूँ, तो ज़ाहिर है,आप को  रामायण वाले अच्छे भरत बन कर कहीं और जाना होगा| वैसे तुम पर भी भरोसा नहीं कर सकतीं सोनिया जी, क्योंकि  तुम ने अलग से पार्टी बनाने की धमकी दी थी | लेकिन अभी घबराने की ज़रूरत नहीं है,यह तो विधान सभा के चुनाव हैं और  मैं ने नया डायेलॉग.. भाग बादल भाग तैयार कर लिया है| अकाली कैम्प में भगदड़ मच जायेगी और छा जायेंगे आप|

आप तो पटियाला और लम्बी से चुनाव लड़ रहे हैं| एक न एक से तो जीत ही जायेंगे, फिर आप deputy CM तो पक्के हैं| जीत निश्चित है गुरु, ही, ही,ही !!!”

…. और  इस से पहले कि कैप्टन साहिब अपनी पिस्तौल निकालते, सिद्धू कमरे से  बाहर निकल चुका था |

 

 

 

 

 

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Posted by on Jan 18 2017. Filed under Community, Featured, Hindi, Humour. You can follow any responses to this entry through the RSS 2.0. Both comments and pings are currently closed.

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