ये दोस्ती हम नहीं तोड़ेंगे: ट्रम्प और मोदी

दोस्तों की ज़ूम मीटिंग (२)

…संतराम बजाज

“हेलो डोनाल्ड!” मोदी ने कनेक्शन मिलाया|

“हाई मोडी! कैसा है तुम?” ट्रम्प बड़ा चहक कर बोला|

“मैं तो ठीक हूँ, तुम बताओ वह जो chloroquine भेजी थी, मिल गई क्या?”

“मिल गई ? मैं तो उसे रोज़ खाता हूँ|”

“कोई असर हुआ?”

“पता नहीं, कोई दूसरा तो उसे यूज़ कर नहीं रहा, सब मुझे पागल समझ रहे हैं|”

“कोई बात नहीं, यह दुनिया हर genius को पागल ही समझती है| लगे रहो, मुन्ना भाई|”

“क्या कहा, यह मुन्ना भाई कौन है?” ट्रम्प ने अपनी टाई ठीक करते हुए पूछा| ”क्या यह भी रावण के खानदान का है कोई ?”

“अरे नहीं, नहीं, यह एक फ़िल्मी डायलॉग था| पर आप रावण को कैसे जानते हो?”

“मैं सब जानता हूँ| अमेरिका से कोई चीज़ नहीं छुपी| तुम बहुत चालाक है मोडी | यह रामायण की बात मुझे पहले नहीं बताई| मैं ने FBI से पता लगा लिया कि तुम ने बड़ी होश्यारी से १.३ billion लोगों को कैसे लॉकडाउन में रखा| तुम ने अपने DD टीवी चेनल पर रामायण का पुराना सीरियल चालू कर दिया| बस लोग उस में मस्त रहे| क्या यह कोई तुम्हारी खींची हुई ‘लक्ष्मण- रेखा’ थी|”

“ऐसा ही समझ लो – इसे हम ने सुन्दर सा नाम दिया था ‘जनता कर्फ्यू’, जो एक दिन के लिए ट्राई किया था फिर उसे ही बदल कर १४ दिन का लॉकडाउन कर दिया| अब तो कई १४ दिन हो गए हैं|

“पर अब सुना है, लाखो की संख्या में मजदूर पैदल ही घरों को जा रहे हैं, अब क्या करोगे?|”

“हाँ, एक नुक्सान ज़रुर हुआ | हमारा विचार था कि लॉकडाउन १४ अप्रेल तक ख़त्म हो जाएगा इसलिए हम ने जल्दी जल्दी एक दिन में २,२ एपिसोड दिखा कर सारी रामायण दिखा दी| रामायण का सीरियल खतम हो गया है तो लोग भागने लगे हैं अपने अपने घरों को| उन्हें भी लगा वे बनबास काट रहे हैं, और अब रामचंद्र जी की तरह अपने देस लौट जाना चाहते हैं|

“तो अब क्या करोगे?”

हम ने दूसरा बहुत बड़ा सीरियल ‘महाभारत’ शुरू करा दिया है| देखते हैं क्या होता है| लोगों का कसूर भी  नहीं है| अब चौथे लॉकडाउन में पहुँच गए हैं| वैसे हमारे ये मजदूर लोग आप के देस वालों की तरह पढ़े लिखे नहीं हैं, हमारे पास इतने साधन भी नहीं हैं| एक एक कमरे में कई कई लोग रहते हैं, बहुत मुश्किल है| भले लोग हैं, बड़े मेहनती और सीधे लोग हैं, मान जाते हैं| हाँ कुछ लोग अडयल और शरारती होते हैं, उन का इलाज हम दुसरे DD, अर्थात ‘डंडा दर्शन’ से कर रहे हैं|”

“यह रावन guy बड़ा रोबदार व्यक्ति था” ट्रम्प ने अपने बालों पर हाथ फेरते हुए बात बदली|

“तुम्हें अच्छा लगा ! वह तो bad guy है|”

“मुझे भी तो बहुत सारे लोग bad guy ही कहते हैं,” ट्रम्प छाती फैलाते हुए बोला| “जो भी हो, उस में बड़ा दम था, अकेला ही कितने लोगों को मार देता था| और सब से बढिया बात लगी कि उस के बहुत सारे सिर थे और एक काटो, तो दूसरा आ जाता था,” ट्रम्प बच्चों की तरह खी, खी कर हँसने लगा|

“हाँ, पर उन में एक सिर गधे का था, जिस के कारण उस की मति मारी जाती थी और वह उलटे काम कर देता था| जैसे पराई स्त्री का अपहरण और फिर हठ के कारण…”, मोदी ने बात अधूरी ही छोड़ दी|

“भई! कुछ भी कहो, एक से बढ़ कर एक, characters भरे पड़े हैं, तुम्हारी इस रामायण में| वह whistle blower या देश द्रोही वभीशन, बड़ा चालाक निकला और अंत में सब को मरवा कर खुद राजा बन गया|

“क्या यह सच है या यह Shakespeare के लिखे ड्रामों की तरह है?”

“अरे ट्रम्प जी, क्या बात करते हैं! बिलकुल सौ फी सदी सच है| लंका और भारत में समुद्र पर सेतु के चिन्ह तो अभी भी पाए जाते हैं,” मोदी ने उत्तर दिया|

“वह कुंभकर्ण भी मुझे बड़ा interesting लगा, ६ महीने सोता था यानी ‘in house isolation’,” ट्रम्प को मज़ा आ रहा था, और वह हनुमान, पहाड़ ही उठा लाया Chloroquine का|”

“Chloroquine नहीं, संजीवनी बूटी थी,” मोदी जी ने उसे टोका|

“हाँ, हाँ भई उस समय उसे यही कहते होंगे| वह तुम्हारे लक्ष्मण को बचा पाई, पर आजकल के इस करोनावायरस का तोड़ भी तो ऐसी बूटी ही चाहिए, जो शायद तुम्हारी भेजी हुई Chloroquine ही हो|”

“तुम्हारे मुंह में घी शक्कर, यह हो जाए तो कमाल होगा,” मोदी जी बहुत खुश होने लगे|

“पर पहले तो तुम लोग अकड़ रहे थे कि तुम यह बूटी किसी को नहीं दोगे| मुझे थोड़ी दादागिरी दिखानी पडी, माफ़ करना| पर इस से कई और देशों का भी भला हो गया| यहां तक कि Brazil के प्रेसिडेंट Bolsonaro ने Chloroquine को ‘संजीवनी बूटी’ कहा और तुम्हें हनुमान| अच्छा ! बुरा मत मानना, पर ये तुम्हारे तीन बड़े भगवान् – क्या नाम हैं, ब्रह्मा, विष्णु और महादेव – भले बुरे की तसल्ली किये बिना बड़े बड़े घातक हथियार जैसे ब्रह्मास्तर, सुदर्शन चक्र  और वीरघाती शक्ति आदि, रावण और उस के सगे स्म्बंधियों को दे देते थे|”

“असल में भगवान् बड़े दयालु होते हैं और जो उन की सच्चे दिल से आराधना करे, वे उसे वरदान में देते हैं, पर साथ में चेतावनी भी देते हैं कि उन का दुरपयोग करने पर कष्ट हो सकता है| और वे उस का तोड़ भी बता देते हैं|” मोदी जी ने व्याख्या की| “वैसे,तु म अमरीकन भी हथियारों की सप्लाई में कोई भेद भाव नहीं करते, बस जो पैसे दे दे वह माल ले जाए|”

“हमें अपने हथियार बनाने वाली कम्पनियों का ध्यान रखना पड़ता है, हमारे देश की इकॉनमी इन लोगों पर निर्भर करती है| इसीलिये मैं ने अपने FBI के गुप्तचरों की मदद से रामायण के युद्ध वाले सीनज़ पर पूरी स्टडी की है| कमाल के तीर छोड़ते थे, जो एक दुसरे की काट करते थे, बिलकुल आजकल की मीज़ाइल की तरह|”

“लंका काण्ड तो बहुत ही ज़बरदस्त था। और Hanuman, your Indian superman, what a guy, burnt the whole place down with his tail they tried to put fire on,   और तो और संजीवनी बूटी को न पहचानने की वजह से पूरा पहाड़ ही उठा लाया।  साथ में डॉक्टर भी जिसने चुटकी में लक्ष्मण की बेहोशी की मर्ज़ बता दी और उसे ठीक कर दिया।  हमे ऐसे ही डॉक्टर चाहियें, please वो भी भेज दो।  मेरा विश्वास है कि यह hydrocholroquine वही संजीवनी बूटी है तभी तो ले रहा हूँ।

“तुम ठीक कहते हो|”

“अरे, मैं ही बोले जा रहा हूँ, तुम आज कुछ कम बोले हो| मोदी भाई, तुम अच्छा आदमी है, हम तुम्हें अपना सच्चा दोस्त मानता है, इसीलिये इतना खुल कर बात किया है| वह मैं ने एक पुराने वाली बॉलीवुड की फिल्म भी देख डाली, शोले के उन  दो दोस्तों  की तरह हम भी तो दो दोस्त हैं, हैं कि ना?

“हाँ, हाँ, पर तुम्हारे पेट में कोई बात पचती नहीं, तुम कुछ ज़्यादा ही खुल जाते हो,  इसी कारण बात करने में थोड़ी सावधानी बरतनी पड़ती है|”

“और यह मुंह पर इतना लंबा चौड़ा मफलर क्यों बाँध रखा है, ज़ूम मीटिंग में भी तुम्हें करोनावायारस नज़र आ रहा है क्या?”

“अच्छा, अगली ज़ूम मीटिंग में हम महाभारत पर बातें करेंगे| तब तक के लिय Good Bye!” मोदी ने कनेक्शन काट दिया|

 

 

 

 

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Posted by on May 26 2020. Filed under Community, Featured, Hindi, Humour. You can follow any responses to this entry through the RSS 2.0. Both comments and pings are currently closed.

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