“हमका माफ़ी दई दो” …      संत राम बजाज   

एक बहुत बड़े शॉपिंग माल में Santa Claus एक ऊंची जगह बैठे हुए हैं और उन के सामने एक लंबी क्यू लगी हुई है और मैं भी उस क्यू का हिस्सा हूँ| सब के हाथ में एक एक पर्चा है, जिस पर मोटे मोटे शब्दों में लिखा है, “हमका माफ़ी दई दो” और Santa उन पर stamp (मुहर) लगा हर एक  को आगे को चलता करता रहता है|

जब मेरी बारी आती है, तो Santa उठ खडा होता है, “बस, और नहीं|”

“क्यों?” मैं हैरान हो कर पूछता हूँ |

“मैं तंग आ गया हूँ| मेरी अपनी माफ़ी का क्या होगा?”

उस की आवाज़ में गुस्सा है, मैं जरा ऊपर उस की ओर ध्यान से देखता हूँ, तो हैरान हो जाता हूँ, क्योंकि वह Santa Claus वास्तव में अमेरिका का प्रेसिडेंट डोनाल्ड ट्रम्प है|

“ट्रम्प जी, यह क्या?”

“तुम्हें पता है कि ये सब लोग कौन थे? ये सब मेरे ही परिवार के लोग थे| अब यह भला कहाँ की शराफत है कि एक तो मैं पहले ही हार से दुखी बैठा हूँ और ऊपर से मुझ पर और मेरे परिवार पर मुकद्दमे चलाने की बातें शुरू हो गई हैं| इतना भी गया गुजरा नहीं हूँ कि इन लोगों से चुप चाप मार खा लूंगा, इसलिए बचाव के तौर पर अपने परिवार वालों को सिक्यूरिटी दे रहा था|”

“पर आप यह भेस बदल कर क्यों कर रहे थे, White House में आराम से बैठकर भी तो कर सकते थे|”,

“White House में वे लोग मुझे आराम से थोड़ा बैठने देते हैं, ये सब ‘फराडी’ लोग हैं, पहले इलेक्शन में हेरा फेरी की और अब हाथ धो कर मेरे पीछे पड़े हुए है कि मैं जल्दी से मकान खाली करूं| बाप का राज है कया?” मैं इन को नाकों चने चबा दूंगा|”

“तो, आप भी क्यों और पंगा ले रहे हैं| वह Michael Flynn को पूरी तरह से माफी क्यों दे दी| आप ने पहले तो उसे खुद ही फायर किया था कि उस ने रुसीयों के साथ बातचीत न करने का झूट बोला था|”

“तुम नहीं समझोगे| अब वह उस पर मुकद्दमा नहीं कर सकते और न ही उस का मुंह खुलवा सकते हैं| इसे अंग्रेज़ी में ‘self-preservation’ कहते हैं, जिसे तुम हिन्दुस्तानी शायद ‘आप मरे जग प्रलय’ कहेंगे|

“इस से पहले मैं तुम्हारे हिन्दुस्तानी भाई दिनेश डीसूजा को भी पार्डन कर चुका हूँ|

“यह मेरा हक़ है, मेरी authority है, यही तो मेरा ‘ब्रहामास्त्र’ है | मैं जिसे चाहूँ, १९ जनवरी तक माफी दे सकता हूँ और दूंगा भी| अभी तो शुरूआत हैं| देखते जाओ।

और मैं कोई ऐसी अनहोनी बात नहीं कर रहा हूँ| यह तो सैंकड़ों सालों से प्रथा चली आ रही है कि अदालतों आदि के ऊपर भी कोई है| दूसरे देशों में भी है, इंग्लैंड में रॉयल पार्डन है, तुम्हारे भारत में राष्ट्रपति के हाथ में यह पॉवर है| हाँ यह अलग बात है कि तुम्हारा प्रेजिडेंट अपनी मर्जी से कुछ नहीं कर सकता जबतक कि उसे केबिनेट से सुझाव न आये|

ओबामा ने अपने कार्यकाल में करीब २००० लोगों की सजायें कम की हैं या बिलकुल छोड़ा है| उन में से                १९ जनवरी २०१७ को, उसने अपने आख़री दिन में करीब ४०० लोगों को माफ़ी दो थी।

“लेकिन, यह अपने ही परिवार के लोगों को माफी?,” मैं ने सवाल उठाया|

“यह भी कोई नई बात नहीं है, बिल कलिन्टन ने अपने सौतेले भाई को माफी दी थी, जिस पर ड्रग्स का केस था|”

“मैं, बताऊँ, आप Richard Nixon वाला काम क्यों नहीं करते? १९७४ में जब उन पर महाभियोग (Impeachment) का खतरा आया तो उन्होंने त्यागपत्र दे दिया और Ford को प्रेजिडेंट बना दिया और उस ने कुछ समय बाद Nixon जी को पूरी माफी दे दी थी |”

“सोचा तो था, पर Pence कुछ डरपोक किस्म का है, Ford की तरह नहीं है| Ford बेचारे को उस की भारी कीमत भी तो चुकानी पडी थी, वह अगले इलेक्शन में Jimmy Carter से हार गया था| और सच बताऊँ, मुझे तो अब पेन्स पर भी शक होने लगा है| वह चुप ही रहता है आजकल और खुल कर मेरा समर्थन नहीं करता| कहीं लेने के देने न पड़ जाएँ|”

“क्या आप के किसी भी सलाहकार ने यह नहीं बताया कि जब Ronald Regan ने ऑपरेशन कराना था तो, कुछ घंटों के लिए George Bush (senior) को सारी ताकत सौंप दी गई थी| और तो और Bush के बेटे George W Bush ने अपनी colonoscopy करवाते वक्त अपने Vice President Dick Cheney को दो घंटों के लिय President बनाया था| आप फिर Covid-19 बीमारी का बहाना कर, कुछ दिनों के लिए सारी ज़िम्मेदारी Pence को दे दें और वह आप को माफी दे दे| और यदि वह ऐसा नहीं करता तो आप अपनी कुर्सी एकदम वापिस ले लें| इस में रत्ती भर का भी ख़तरा नहीं है|”

“अब ऐसी बातों के लिए समय बहुत कम है| पहले से सोचा कुछ नहीं, क्योंकि मेरे हारने का तो कोई चांस ही नहीं था, यह तो सब Biden और Kamala ने फ्राड किया है| छोडूंगा नहीं उन्हें, सुप्रीम कोर्ट घसीट कर ले जाऊंगा, वहां ९ में से ६ तो मेरे अपने ही जज हैं| देखता हूँ ये बाइडन  वगैहरा कैसे बच पाते हैं?”

“जोश से नहीं होश से काम लीजिये| आप पर भी तो काफी केस बन सकते हैं|”

“तुम मेरी इतनी चिंता क्यों कर रहे हो? तुम्हें मेरे दोस्त मोदी ने भेजा है क्या? उस का धन्यवाद कर देना कि उस ने मेरा बड़ा भारी स्वागत किया था पिछले वर्ष और मेरी बेटी के बिजनेस में भी काफी हेल्प किया था और अब भी मेरे बुरे वक्त में मेरे बारे में ही  सोच रहा है|”

“बहुत पंगे लिए हैं आप ने ‘America first’ के चक्कर में| सब देशों के साथ रिश्ते बिगाड़ लिए हैं, चाइना का प्रभाव बढ़ता जा रहा है|

इधर मोदी से जप्फी, उधर इमरान से यारी| कभी नार्थ कोरिया के किम को, तो कभी रूस के पुटिन को और कभी चाइना के शी जिनपिंग, सभी को दोस्त मान लिया| सच तो यह है कि तुम हर जगह चौधरी बने हुए थे|

कहीं से फौजें वापिस बुला रहे हो, कही बॉर्डर पर दीवारे बना रहे हो| अफगानिस्तान, इरान, इजराइल, किस किस का नाम लूं, सब ही तो कन्फ्यूज्ड हैं| कोई तुम पर भरोसा कैसे कर सकता था, तुम सारी बातें तो Twitter पर लिख डालते थे, सब खिचड़ी बना कर रख दी है तुम ने अपने देश की ऐसी विदेश नीति अपना कर  |  |

घर में करोना की मार से लोगों को बचाने की बजाय सबका मज़ाक उड़ाया| लाखों लोग जान से हाथ धो बैठे हैं| जिस ने भी समझाने की कोशिश की उसे फ़ायर कर दिया, धौंस जमा कर किसी को भी जेल भिजवा दिया| प्रेजिडेंट क्या बन गए बस दादागिरी जमाते रहे चार साल।

“तुम्हारी समझ में अभी भी नहीं आया कि तुम फिनिश हो चुके हो|”

“हे, हे! रुको, रुको! तुम कौन हो, मेरे साथ ऐसी बदतमीजी से बात करने लगे हो, अभी महीना भर है मेरी प्रेसिडेंटशिप को , मैं तो समझा था तुम्हें मोदी ने भेजा है|”

“नहीं, मैं Santa Claus  हूँ, Xmas के सिलसिले में ज़रूरतमंदों के लिए शॉपिंग करने निकला था और मुझे तुम  पर तरस आ गया, सोचा कुछ सलाह दे दूँ, शायद तुम्हारा कुछ भला हो जाए|”

“सॉरी! अब मैं क्या करूं?”

“अब बचने का मात्र एक ही तरीका है, ‘Presidential Self Pardon’| सब झंझट छोडो और अपने आप को ‘self-pardon’ कर लो|”

“ज़रा टेढ़ी खीर है| पहले कभी ऐसा हुआ जो नहीं है|”

“नहीं हुआ है तो आप ही पहल कर दो| और माफी भी मांग लो, अमरीकी public से, कुछ इज्ज़त रह जायेगी|

अच्छा! चलता हूँ, और बहुत काम करने हैं|”

और ट्रम्प सांता क्लॉस बना अपने दोनों हाथों में सिर दबाये बैठा कुछ बुडबुडा रहा है|

 

 

 

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Posted by on Dec 4 2020. Filed under Community, Featured, Hindi, Humour. You can follow any responses to this entry through the RSS 2.0. Both comments and pings are currently closed.

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