Category archives for: Humour

घुटने टेक विश्राम……..            संतराम बजाज

अब मुझे पूरा विशवास हो गया है कि मेरा नाम संतराम बजाज है और मैं किस वर्ष के कौन से महीने में किस दिन पैदा हुआ था| आप सोचेंगे कि मुझे क्या हो गया हैं कि मैं ऐसी बहकी बहकी बातें कर रहा हूँ| तो भई! जब आप से दिन में आठ दस बार यही […]

Ride a bike and help the environment

By Melvin Durai Drivers all over the world are unhappy about the rising price of gas (or petrol). Some have found interesting ways to protest the prices, but none more charmingly than Subhranshu Samal did at his recent wedding in Bhubaneswar, India. As widely reported, the 47-year-old grocery shop owner rode a bicycle to the […]

Can’t wait for all the waiting to end

By Melvin Durai I don’t know about you, but I’m tired of waiting. I’ve spent too much of my life waiting: waiting for the doctor to show up, waiting for the traffic light to turn green, waiting for my wife to finish shopping. A survey conducted in Britain a few years ago found that the […]

माँ, तेरी सूरत से अलग… संतराम बजाज

माँ तो हर एक की होती है और हर माँ अपने बच्चों से प्यार करती है|चोट बच्चे को लगे तो पीड़ा माँ ही को होती है| खुद भूखी रह कर भी बच्चे के खाने की चिंता माँ को होती है| आप ने देखा होगा जब छोटा बच्चा गिर जाए और थोड़ी सी चोट पर रोने […]

Academy expresses major regrets over Will Smith’s slap

by Melvin Durai The Academy of Motion Picture Arts and Sciences has concluded its formal review of the incident involving actor Will Smith and comedian Chris Rock at the 94th Oscars on March 24, 2022, and issued the following statement: The Academy would like to apologize once again to the millions of viewers from around […]

ख़ुशी की तलाश ….  संतराम बजाज

हम सब मारे मारे फिरते हैं, ख़ुशी को ढूँढ़ने में| मंदिरों,मस्जिदों, गुरुद्वारों और गिरिजाघरों में सिर झुकाते हैं, बाबाओं के डेरों परजा माथा रगड़ते हैं | क्या ख़ुशी मिलती है? शायद पल भर के लिए हम सैंकड़ों और हज़ारों लोगों की उपस्थति देख, उन्हें झूम झूम कर नाचते देख सुरक्षित महसूस कर, उसे ही ख़ुशी […]

It takes patience to become chapati-making pro

By Melvin Durai In many families, husbands and wives split up the household duties. Most wives handle all the cooking and cleaning, while the husbands handle almost all tasks related to beer and sports. This includes purchasing, sharing and consuming. My family is quite different, partly because I was a stay-at-home dad for many years […]

गूगल पे गुस्सा क्यों? … संतराम बजाज

मुझे गूगल पर बहुत गुस्स्सा आता है आजकल| आप पूछेंगे क्यों भाई? बात समझने के लिए, जरा आप को थोड़ा धीरज से बैठना होगा और बिना टोके, मेरी बात ध्यान से, कान लगा कर सुननी होगी| हम जब बच्चे होते थे, हाँ भई सच है, हम भी कभी बच्चे थे| उस समय गूगल नाम की […]

न काहू से दोस्ती न काहू से बैर …संतराम बजाज

एपिसोड 4 (चुनाव स्पेशल) हमारी कोशिश रही है कि इस शीर्षिक के नाम से इधर उधर की ख़बरों पर या बीत गये कुछ हालात पर टिप्पणी की जाए| हमारा इरादा किसी का मज़ाक उडाना या किसी की बुराई करना बिलकुल नहीं है| “कबीरा खड़ा बाज़ार में, मांगे सब की खैर न काहू से दोस्ती, न […]

कहानी कान की, करे कोई भरे कोई! … संतराम बजाज

आप में से शायद ही कोई होगा जिस के बचपन में कान नहीं खिचे या बड़े होने पर दूसरों के कान खींचने का मौका नहीं मिला| घर में हों या स्कूल में, छोटी मोटी शरारतों पर अक्सर कान पकड़ कर एक हल्का सा मरोड़ा दिया जाता था या फिर आप को ही अपने दोनों कान […]

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