Category archives for: Hindi

भारत के निराले स्पेशलिस्ट …संतराम बजाज

स्पेशलिस्ट का मतलब, विशेषज्ञ  अर्थात किसी ख़ास काम में माहिर व्यकित | आम तौर पर हम डाक्टरों के बारे में ज्यादातौर पर इस्तेमाल करते हैं| कोई हार्ट स्पेशलिस्ट है तो कोई हड्ड्दियों का या  कोई  दिमागी बीमारियों का| बहुत साल पहले अमृतसर में एक ‘राधू शाह  छोले वाला’ होता था, अब है या नहीं पता […]

‘मास्क के पीछे क्या है?’ …..संतराम बजाज

कल मुझे एक रोचक/ भयानक सपना आया, चलिए आप के साथ शेयर कर लेता हूँ| ओपन एयर थिएटर में एक फिल्म चल रही है और माधुरी दीक्षत और सखियाँ ज़ोर ज़ोर से ‘चोली के पीछे क्या है?’ गाना गा रही हैं| बहुत से लोग डांस करने लगते हैं| मैं भी साथ हो लेता हूँ | […]

‘न काहू से दोस्ती, न काहू से बैर !’ …संतराम बजाज

 एपिसोड 2 (एपिसोड 1 में हम ने खेल रतन अवार्ड को नया नाम दिए जाने पर, लोकसभा, राज्य सभा में हंगामें पर और पंजाब में कैप्टन अमरिंदर सिंह और सिध्दू में चल रहे मल-युध्द पर टिप्पणी की थी) कोशिश की जायेगी कि इस शीर्षिक के नाम से इधर उधर की ख़बरों पर या बीत गये […]

‘न काहू से दोस्ती, न काहू से बैर!’…संतराम बजाज

कोशिश की जायेगी कि इस शीर्षिक के नाम से इधर उधर की ख़बरों पर या बीते  हुए कुछ हालात पर टिप्पणी की जाए | हमारा इरादा किसी का मज़ाक उडाना या किसी की बुराई करना बिलकुल नहीं है| “कबीरा खड़ा बाज़ार में, मांगे सब की खैर, न काहू से दोस्ती, न काहू से बैर” हमारा […]

NSW Government seeks Covid help from community language teachers

The Premier, Gladys Berejiklian has held an online meeting with around seven hundred of the State’s community-language teachers. Organised by the NSW Federation of Community Language Schools, the meeting was also joined online by the Minister for Customer Service, Victor Dominello, the new Minister for Multiculturalism, Natalie Ward MLC and the CEO of Multicultural NSW, […]

Make sure to enter Hindi as the language spoken at home in this Census on August 10

By Neena Badhwar Census 2021 and Hindi language as the spoken language in Indian homes – ऑस्ट्रेलिया में बसे भारतियों से और आप सबसे एक आग्रह ऑस्ट्रेलिया की जनगणना १० अगस्त को होगी । जनगणना मात्र एक ही माध्यम है जिससे हिंदी भाषी लोगों का पता चलता है।भारत से बसे हुए लोग अधिकतर बहुभाषी है।English […]

एक वृक्ष की मौत…. संत राम बजाज

कल रात उसे सरकारी मजदूरों ने काट दिया – मैं तो कहूँगा उसे मार दिया, उस का कत्ल कर दिया | हम ने बहुत शोर मचाया, लेकिन मजदूर भी मजबूर थे, उन्हें बड़े अधिकारयों का हुक्म था कि यह वृक्ष  तरक्की  के रास्ते में रुकावट है, इसलिए इसे जाना होगा| जहां यह खड़ा था, वहाँ […]

दो लघु कथाएं … संतराम बजाज

संयोग शहर में चारों और दंगे  फ़ैल रहे थे|दुकाने जलाई जा रहीं थीं लोग इधर उधर भाग कर जान बचा रहे थे| मेहर सिंह का छोटा बेटा बुखार से तड़प रहा था, खांसी थी कि रुकने का नाम ही नहीं लेती थी| “पड़ोस के कैमिस्ट से कुछ न कुछ ले कर आता हूँ” बीवी ने […]

“झूठ बोले कव्वा काटे”… संतराम बजाज

दर्शनसिंह, मुत्तुस्वामी और मैं अक्सर शाम को सैर पे निकलते थे और घर के पास वाली पार्क में बैठ थोड़ा गपशप लगाया करते थे, जो करोना के कारण बंद हो गया था, पर आज फिर से शुरू कर दिया है| “A friend in need is a friend indeed,” दर्शन सिंह को अंग्रेज़ी में बोलते हुए […]

चमचे और कड़छियाँ … संत राम बजाज

आज सुबह सुबह नुक्सान हो गया| एक कीमती चाय का प्याला टूट गया| जैसे ही मैं ने उबलता हुआ पानी उस में डाला वह क्रैक हो गया| मूड थोड़ा ऑफ हो गया| उधर फोन की घंटी बजकर बंद हो गई और दुबारा बजने लगी| मैं ने फोन उठाया| दर्शन सिंह की आवाज़ थी| “यार, तुम […]

Search Archive

Search by Date
Search by Category
Search with Google